कुछ खुद पे बीती -कुछ दुसरो की बाते अनुभव कर ,
आये है एक विचार-मकाम पर,
रहो बे-फिकर ,रखो इरादे बुलंद और हमेशा सीधी करो बात,
क्योंकि यहाँ पे आम रहना ही है ख़ास !
कोई खेलता है प्यार के नाम पे , खोई प्यार को माने खेल ,
कोई दोस्ती को दाव पे लगा के आगे बढ़ता , कोई दोस्त को ही कर लेता इरादोमे शामेल ,
सीधे राह पे चलते गए , मोड़ को सोचा अनूठा आरंभ ,
ना बिना पंख उड़ना चाहा,ना ही माँगा उससे ज्यादा जो लिखा प्रारब्ध ,
कोई हमपे हँसा , कोई पूछा क्यूँ न करते तुम गफ्लेवाला काम ,
न जवाब दिया उन्हें ..तो मान गए सब की ये तो है आम ,
देरसे ही सही ..मन को सुकून सी लगती है ये बात ,
की यहाँ पे आम रहना ही है ख़ास ,
:) 15102011
Really nice one, I like you grip on hindi.......:))....
ReplyDeletethankss pragya :D
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